उत्तर प्रदेश के युवाओं और विद्यार्थियों के लिए टैबलेट योजना को लेकर एक बार फिर बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 29 अगस्त 2026 को देवरिया के मझौलीराज में आयोजित जनसभा में युवाओं को टैबलेट देने को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य 2 करोड़ नौजवानों को टैबलेट उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि अब तक 50 लाख से अधिक युवाओं को टैबलेट दिए जा चुके हैं और 25 लाख टैबलेट का फिर से ऑर्डर दिया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि स्नातक अंतिम वर्ष के सभी विद्यार्थियों को टैबलेट दिया जाएगा।
यह बयान 25 अगस्त 2026 को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले के कुछ दिन बाद आया है। कैबिनेट ने स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत 25 लाख टैबलेट खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इसके लिए ₹2,374.60 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है।
इसलिए विद्यार्थियों के लिए यह समझना जरूरी है कि अभी सरकार की घोषणा में क्या तय है, किसे लाभ मिलेगा और आवेदन को लेकर वास्तविक स्थिति क्या है।
इसलिए विद्यार्थियों के लिए यह समझना जरूरी है कि अभी सरकार की घोषणा में क्या तय है, किसे लाभ मिलेगा और आवेदन को लेकर वास्तविक स्थिति क्या है।
2 करोड़ युवाओं को टैबलेट देने का क्या मतलब है?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 29 अगस्त को देवरिया में कहा कि सरकार 2 करोड़ नौजवानों को टैबलेट देने जा रही है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इस लक्ष्य के तहत 50 लाख से अधिक युवाओं को पहले ही टैबलेट मिल चुके हैं, जबकि 25 लाख टैबलेट का नया ऑर्डर दिया गया है।
इसका मतलब यह है कि 25 लाख टैबलेट की संख्या को सरकार के पूरे लक्ष्य के बराबर नहीं समझना चाहिए। 25 लाख टैबलेट वर्तमान चरण में नए टैबलेट की खरीद/ऑर्डर से संबंधित संख्या है, जबकि 2 करोड़ युवाओं को टैबलेट उपलब्ध कराने का लक्ष्य इससे बड़ा है।
25 लाख टैबलेट के लिए कितना बजट मंजूर हुआ?
25 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत 25 लाख टैबलेट खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में ₹2,374.60 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है।
कैबिनेट के फैसले में टेंडर प्रक्रिया में चयनित संस्थाओं को टैबलेट की खरीद के लिए क्रय आदेश जारी किए जाने की मंजूरी भी दी गई है। यानी इस चरण में सरकार ने 25 लाख टैबलेट की खरीद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का फैसला किया है।
कैबिनेट के फैसले में टेंडर प्रक्रिया में चयनित संस्थाओं को टैबलेट की खरीद के लिए क्रय आदेश जारी किए जाने की मंजूरी भी दी गई है। यानी इस चरण में सरकार ने 25 लाख टैबलेट की खरीद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का फैसला किया है।
किस योजना के तहत मिलेंगे टैबलेट?
यह वितरण स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत किया जा रहा है।
योजना का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के युवाओं को डिजिटल संसाधनों से जोड़ना है, ताकि वे पढ़ाई, प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार से संबंधित डिजिटल सुविधाओं का उपयोग कर सकें।
सरकार की इस पहल के तहत पहले भी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और युवाओं को टैबलेट और स्मार्टफोन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, इस योजना के तहत अब तक करीब 60 लाख टैबलेट और स्मार्टफोन पात्र युवाओं तक पहुंचाए जा चुके हैं।
UP Free Tablet Yojana 2026 में किसे टैबलेट मिलेगा?
यहां सबसे महत्वपूर्ण अपडेट मुख्यमंत्री का 29 अगस्त का बयान है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट रूप से कहा कि स्नातक अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को टैबलेट दिया जाएगा।
इसलिए स्नातक अंतिम वर्ष में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए यह घोषणा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
इसके अलावा योजना के अंतर्गत पहले से विभिन्न उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, डिप्लोमा, ITI और कौशल विकास से जुड़े पात्र युवाओं को शामिल किया जाता रहा है। 25 अगस्त के कैबिनेट फैसले के बाद प्रकाशित जानकारी में भी स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, ITI और कौशल विकास से जुड़े युवाओं को योजना के संभावित लाभार्थी वर्ग में बताया गया है।
हालांकि किसी विद्यार्थी के लिए केवल उम्र या उत्तर प्रदेश का निवासी होना अपने आप टैबलेट मिलने की गारंटी नहीं है। वास्तविक लाभार्थी सूची संबंधित योजना के नियमों और संस्थागत सत्यापन के आधार पर तय होती है।
क्या हर स्नातक छात्र को टैबलेट मिलेगा?
मुख्यमंत्री के 29 अगस्त के बयान में खास तौर पर स्नातक अंतिम वर्ष के सभी विद्यार्थियों को टैबलेट देने की बात कही गई है।
इसलिए इस समय सबसे स्पष्ट नई घोषणा इसी वर्ग के लिए है।
लेकिन इसका अर्थ यह नहीं लगाया जाना चाहिए कि हर उम्र का हर युवा बिना किसी शैक्षणिक पात्रता या सत्यापन के टैबलेट पाने का हकदार है।
विद्यार्थियों को अपने कॉलेज या विश्वविद्यालय से जारी होने वाली आधिकारिक सूचना का इंतजार करना चाहिए, क्योंकि संस्थानवार लाभार्थी डेटा और वितरण प्रक्रिया उसी के अनुसार आगे बढ़ेगी।
क्या इस योजना के लिए खुद ऑनलाइन आवेदन करना होगा?
यह सवाल विद्यार्थियों के बीच सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसे ऐसी सामान्य योजना नहीं समझना चाहिए जिसमें कोई भी व्यक्ति किसी वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भर दे और सीधे टैबलेट के लिए आवेदन कर दे।
योजना में लाभार्थियों का डेटा संबंधित शैक्षणिक और प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से तैयार किया जाता है और DigiShakti व्यवस्था के जरिए वितरण प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है।
इसलिए विद्यार्थी को सबसे पहले अपने कॉलेज, विश्वविद्यालय, ITI या संबंधित संस्थान से जानकारी लेनी चाहिए कि उसका नाम और आवश्यक विवरण योजना के लिए दर्ज किया गया है या नहीं।
DigiShakti की भूमिका क्या है?
उत्तर प्रदेश में टैबलेट और स्मार्टफोन वितरण की प्रक्रिया में DigiShakti व्यवस्था का उपयोग किया जाता है।
संस्थान पात्र विद्यार्थियों का डेटा उपलब्ध कराते हैं। इसके बाद आवश्यक सत्यापन और e-KYC जैसी प्रक्रियाएं पूरी कराई जा सकती हैं।
इसलिए अगर आपके कॉलेज या विश्वविद्यालय की तरफ से DigiShakti या e-KYC को लेकर कोई सूचना आती है, तो उसे ध्यान से पढ़ना जरूरी है।
विद्यार्थियों को अपने संस्थान से यह भी पता करना चाहिए कि उनके रिकॉर्ड में नाम, मोबाइल नंबर, आधार से संबंधित विवरण और अन्य जरूरी जानकारी सही है या नहीं।
टैबलेट कब मिलेगा?
अभी सभी विद्यार्थियों के लिए एक ही तारीख घोषित नहीं की गई है।
25 लाख टैबलेट की खरीद को कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है और खरीद प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद खरीद, आपूर्ति और संस्थानों के माध्यम से वितरण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
इसलिए सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी ऐसी पोस्ट पर तुरंत विश्वास नहीं करना चाहिए जिसमें किसी एक निश्चित तारीख को पूरे उत्तर प्रदेश में टैबलेट वितरण शुरू होने का दावा किया गया हो।
आपके कॉलेज/विश्वविद्यालय की ओर से जारी सूचना ही आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण होगी।
क्या टैबलेट के लिए पैसे मिलेंगे?
नहीं।
यह योजना विद्यार्थियों के बैंक खाते में ₹2,374.60 करोड़ भेजने की योजना नहीं है।
₹2,374.60 करोड़ वित्तीय वर्ष 2026-27 में 25 लाख टैबलेट की खरीद के लिए किया गया बजट प्रावधान है।
विद्यार्थियों को इस राशि का भुगतान नहीं किया जाना है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को टैबलेट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।
टैबलेट मिलने से विद्यार्थियों को क्या फायदा होगा?
आज शिक्षा और रोजगार से जुड़ी बहुत सी सुविधाएं डिजिटल माध्यम से उपलब्ध हैं। ऐसे में टैबलेट विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई और प्रशिक्षण में उपयोगी हो सकता है।
विद्यार्थी इसका इस्तेमाल ऑनलाइन अध्ययन सामग्री, डिजिटल किताबों, वीडियो लेक्चर, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी, कौशल विकास, ऑनलाइन प्रशिक्षण और रोजगार से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए कर सकते हैं।

सरकार भी इस योजना को युवाओं को तकनीकी और डिजिटल रूप से सशक्त करने के उद्देश्य से आगे बढ़ा रही है।
25 लाख और 2 करोड़ में क्या अंतर है?
यह सवाल इस समय सबसे महत्वपूर्ण है।
25 लाख टैबलेट:
यह वर्तमान चरण में खरीदे/ऑर्डर किए जाने वाले टैबलेट की संख्या है।
2 करोड़ युवा:
यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बताया गया व्यापक लक्ष्य है, जिसके तहत प्रदेश के 2 करोड़ नौजवानों को टैबलेट उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
मुख्यमंत्री ने 29 अगस्त को बताया कि 50 लाख से ज्यादा युवा पहले ही टैबलेट प्राप्त कर चुके हैं और 25 लाख टैबलेट का फिर से ऑर्डर दिया गया है।
इसलिए दोनों आंकड़ों को एक ही चीज समझना सही नहीं होगा।
विद्यार्थियों को अभी क्या करना चाहिए?
अगर आप उत्तर प्रदेश में पढ़ाई कर रहे हैं और इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो अभी सबसे जरूरी काम है कि आप अपने कॉलेज, विश्वविद्यालय या संबंधित प्रशिक्षण संस्थान से जानकारी लेते रहें।
आप इन बातों की जांच कर सकते हैं:
- क्या आपका नाम संस्थान के विद्यार्थी रिकॉर्ड में सही है?
- क्या आपका मोबाइल नंबर सही दर्ज है?
- क्या DigiShakti से संबंधित कोई प्रक्रिया आपके लिए लंबित है?
- क्या e-KYC पूरी करनी है?
- क्या आपके संस्थान ने टैबलेट वितरण को लेकर कोई सूची या नोटिस जारी किया है?
- आपका नाम लाभार्थी सूची में कब और कैसे शामिल किया जाएगा?
सरकार की घोषणा का सीधा मतलब क्या है?
अगर मुख्यमंत्री के 29 अगस्त के बयान और 25 अगस्त के कैबिनेट फैसले को एक साथ समझें तो तस्वीर साफ होती है।
उत्तर प्रदेश सरकार स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के माध्यम से युवाओं को डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।
कैबिनेट ने 25 लाख टैबलेट खरीदने को मंजूरी दी है और इसके लिए ₹2,374.60 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। वहीं मुख्यमंत्री ने बाद में देवरिया में कहा कि सरकार का लक्ष्य 2 करोड़ युवाओं को टैबलेट देना है, 50 लाख से अधिक युवा पहले ही टैबलेट प्राप्त कर चुके हैं और 25 लाख टैबलेट का नया ऑर्डर दिया गया है। उन्होंने विशेष रूप से स्नातक अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को टैबलेट देने की बात भी कही है।
इसलिए विद्यार्थियों को फिलहाल किसी फर्जी आवेदन या भुगतान की जरूरत नहीं है। अपने संस्थान की आधिकारिक सूचना और DigiShakti से संबंधित अपडेट पर नजर रखना सबसे सही तरीका है।
निष्कर्ष
UP Free Tablet Yojana 2026 को लेकर उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए ताजा अपडेट काफी महत्वपूर्ण है। 25 अगस्त को कैबिनेट ने 25 लाख टैबलेट खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी और इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में ₹2,374.60 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया।
इसके बाद 29 अगस्त को देवरिया में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार 2 करोड़ नौजवानों को टैबलेट देने जा रही है। उन्होंने बताया कि 50 लाख से अधिक युवाओं को टैबलेट मिल चुके हैं और 25 लाख टैबलेट का फिर से ऑर्डर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि स्नातक अंतिम वर्ष के सभी विद्यार्थियों को टैबलेट दिया जाएगा।
इसलिए अगर आप स्नातक अंतिम वर्ष में हैं या योजना के अंतर्गत आने वाले किसी अन्य पाठ्यक्रम में पढ़ रहे हैं, तो अपने कॉलेज/विश्वविद्यालय से मिलने वाले अपडेट पर ध्यान रखें। टैबलेट वितरण की तारीख और लाभार्थी सूची संस्थानवार प्रक्रिया के अनुसार सामने आएगी।
अस्वीकरण: यह जानकारी 30 अगस्त 2026 तक उपलब्ध मुख्यमंत्री के हालिया बयान, उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट निर्णय और उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। जहां सरकार ने अभी कोई विस्तृत नई पात्रता या वितरण तारीख सार्वजनिक नहीं की है, वहां उसे अनुमान के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।